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आइये इस मुहर्रम पर एक साथ मिलकर रक्तदान का संकल्प लें !
muharram maatam

Sep. 18th, 2013

संस्कार भारती सीतापुर इकाई द्वारा कृष्ण रूप रंग भरो प्रतियोगिता २०१३' का सफल आयोजन"

सीतापुर. संस्कार भारती सीतापुर इकाई के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण के चित्रों पर आधारित कृष्ण रूप रंग भरो प्रतियोगिता 2013 का आयोजन, स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर विवेकानंद पुरी सिविल लाइन्स में किया गया | जिसमें जनपद के विभिन्न विद्यालयों के लगभग सवा चार सौ प्रतिभागियों ने भाग लिया .

प्रतियोगिता का जिला स्तरीय निर्णय निम्न प्रकार से रहा .....प्राथमिक वर्ग में सुमित्रा मांटेसरी स्कूल सीतापुर की निधि तिवारी प्रथम, सिंडिकेट पब्लिक स्कूल के आशुतोष यादव द्वितीय, व सरस्वती शिशु मंदिर विवेकानंद के अभिषेक भार्गव तृतीय स्थान पर रहे इसी प्रकार जूनियर वर्ग में सुमित्रा पब्लिक इंटर कालेज के शरद वर्मा प्रथम, राजा रघुबर दयाल इंटर कालेज के अजय शर्मा द्वितीय तथा सुमित्रा इंटर कालेज की कृतिका अवस्थी तृतीय स्थान पर रहीं. ठीक इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में सेक्रेड हार्ट इंटर कालेज की नैन्सी गुप्ता प्रथम, अग्रवाल पब्लिक इंटर कालेज की प्रिया राजवंशी द्वितीय व हिन्दू कन्या पाठशाला इंटर कालेज की प्रियंका मिश्रा तिवारी तृतीय स्थान पर रहीं. 

प्रतियोगिता का विद्यालयवार निर्णय निम्न प्रकार से रहा .....सुमित्रा मांटेसरी स्कूल में प्राथमिक वर्ग में कृतिका अवस्थी प्रथम, दीपांशी शुक्ल द्वितीय तथा संध्या प्रभाकर तृतीय रहीं. इसके साथ-साथ सेक्रेड हार्ट इंटर कालेज में प्राथमिक वर्ग में उज्जवल राजपूत प्रथम, जूनियर समूह में हर्षिता वर्मा प्रथम, आयुष प्रजापति द्वितीय व प्रखर वर्मा तृतीय स्थान पर रहे ! ठीक इसी प्रकार से आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के जूनियर वर्ग में दिवाकर गौतम प्रथम, व धीरज गौतम द्वितीय तथा वरिष्ठ वर्ग में निखिल विश्वकर्मा प्रथम, ऋतिक वर्मा द्वितीय व दीपक पाल तृतीय स्थान पर प्रतिष्ठित हुए ! सुमित्रा मार्डन स्कूल में प्राइमरी वर्ग में आर्यन सिन्हा प्रथम, कु० महक द्वितीय, व अर्पिमा वर्मा तृतीय स्थान पर रहे ! आर्य कन्या इंटर कालेज के जूनियर वर्ग में कुमारी सौम्या शुक्ल प्रथम, कु० पलक द्वितीय व सना खान तृतीय तथा सीनियर वर्ग में कुमारी मंजू देवी प्रथम , कु० रेशम कश्यप द्वितीय व कु० विनीता सिंह तृतीय स्थान पर रहीं ! गीता बाल विद्यालय के प्राइमरी ग्रुप में शुभम कश्यप प्रथम, राहुल द्वितीय व करन तृतीय स्थान पर रहे! रीजेंसी पब्लिक स्कूल के प्राथमिक समूह में फरहान प्रथम, कु० शाहीन द्वितीय व कु० कर्षना तृतीय स्थान पर रहे ! सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के प्राइमरी ग्रुप में शुभ यादव प्रथम, दीप यादव द्वितीय , शुभम त्यागी तृतीय तथा जूनियर समूह में पारिजात दीक्षित प्रथम, ओम मिश्र द्वितीय व शिवांगी त्रिपाठी तृतीय स्थान पर रहे ! लखनऊ पब्लिक स्कूल के रोहित वर्मा प्रथम स्थान पर रहे ! ज्ञानस्थली विद्यालय के प्राइमरी ग्रुप में आदित्य निषाद प्रथम, आशी कश्यप द्वितीय व जुनियार वर्ग में अभय निषाद प्रथम स्थान पर रहे ! सनराइज पब्लिक स्कूल के प्राथमिक वर्ग में उमंग प्रथम स्थान पर रहे ! महर्षि विद्या मंदिर के प्रिमारी वर्ग में वेदांश राजपूत प्रथम स्थान पर रहे ! आर० आर० डी० इंटर कालेज के जूनियर वर्ग में अजय शर्मा प्रथम, सूरज श्रीवास्तव द्वितीय, व संदीप कुमार तृतीय स्थान पर रहे !  सुमित्रा इंटर कालेज के जूनियर वर्ग में कु० कृतिका अवस्थी प्रथम, कु० दीपंशी शुक्ल द्वितीय व कु० रेहाना तृतीय स्थान पर रहीं, इसी प्रकार विशम्भर दयाल इंटर कालेज के प्राइमरी ग्रुप में सचिन गौतम प्रथम, जूनियर ग्रुप में कु० शालिनी सिंह प्रथम, कुमारी लक्ष्मी पटेल द्वितीय मो० नदीम तृतीय, सीमियर ग्रुप में गौरव तिवारी प्रथम, आयुषी मिश्र द्वितीय, व ज्योति सिंह तृतीय स्थान पर रहे ! सिंडीकेट पब्लिक स्कूल के प्राइमरी ग्रुप में आशुतोष प्रथम, तन्मय द्वितीय व हार्दिक तृतीय स्थान पर तथा जुनियर ग्रुप में अंकित पाल प्रथम स्थान पर रहे ! सेक्रेड हार्ट डिग्री कालेज के सीनियर ग्रुप में मनीषा कश्यप प्रथम व मनिका वैश्य द्वितीय स्थान पर रहीं ! इसी प्रकार हिन्दू कन्या महाविद्यालय के जूनियर वर्ग में रूचि कश्यप प्रथम व सीनियर वर्ग में प्रियंका मिश्र प्रथम रहीं ! केन्द्रीय विद्यालय के प्राइमरी वर्ग में तनुश्री भट्ट प्रथम तथा जूनियर वर्ग में सिया गुप्ता प्रथम, यशी शुक्ल द्वितीय, व सुषमा दीक्षित तृतीय स्थान पर रहीं ! न्यू नेशनल स्कूल के प्राइमरी वर्ग में नवेदिता अवस्थी प्रथम व वैष्णवी राठौर द्वितीय स्थान पर रहीं ! अग्रवाल पब्लिक स्कूल के जूनियर वर्ग में रंजन श्रीवास्तव प्रथम, पारुल राजवंशी द्वितीय, सौम्या यादव तृतीय तथा सीनियर वर्ग में प्रिया राजवंशी प्रथम, श्रद्धा सक्सेना द्वितीय व मो० नदीम तृतीय स्थान पर रहे ! सुमित्रा पब्लिक इंटर कालेज के जूनियर वर्ग में शरद वर्मा प्रथम , पवन द्वितीय व गौरव शुक्ला तृतीय स्थान पर रहे ! कमला मांटेसरी के प्राथमिक वर्ग में श्याम सुन्दर सिंह प्रथम स्थान पर रहे ! सरस्वती शिशु मंदिर विवेकानंदपुरी के प्राइमरी वर्ग में अभिषेक वर्मा प्रथम, आयुष पाल द्वितीय, उदित्य श्री तृतीय व जूनियर वर्ग में चंचल वाजपेयी प्रथम, आयुषी मिश्रा द्वितीय तथा शिवम पाल तृतीय स्थान पर रहे !  बापू बालक विद्यालय के प्राथमिक वर्ग में आर्यन गुप्ता प्रथम, लक्ष्मी कश्यप द्वितीय, जूनियर वर्ग में निधि सिंह प्रथम, अमन कश्यप द्वितीय व दिशा राठौर तृतीय स्थान पर रहे ! न्यू नेशनल विद्यालय में वैष्णवी राठौर प्रथम स्थान पर रहीं ! सरस्वती विद्या मंदिर मुंशीगंज के प्राथमिक वर्ग में श्रुति श्री प्रथम, सचिन शर्मा द्वितीय व उपासना मिश्रा तृतीय स्थान पर रहे ! सुमित्रा मांटेसरी स्कूल के प्राथमिक वर्ग में निधि तिवारी प्रथम , अंशिका विश्वकर्मा द्वितीय, अनुष्का यादव तृतीय, जूनियर वर्ग में कृतिका अवस्थी प्रथम , दीपांशी शुक्ला द्वितीय, व रेहाना तृतीय स्थान पर रहीं !  आर० एम० पी० इंटर कालेज के सीनियर वर्ग में नीरज गुप्ता प्रथम, शिवगोविन्द द्वितीय व अभिषेक शुक्ला तृतीय स्थान पर रहे !          
         
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9इस प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक के रूप में विनोदनी रस्तोगी, इं० अम्बरीष श्रीवास्तव, अरुण शर्मा बेधड़क, रजनीश मिश्र, पूजा श्रीवास्तव, रीना मेहरोत्रा, निर्मल कुमार, दिनेश मिश्र 'राही', डॉ० विश्वनाथ  मिश्र, , पंकज पाण्डेय, सुरेश मिश्र आदि ने अपने-अपने दायित्व का सफलता पूर्वक निर्वहन किया तथा निधि खन्ना, लालमणि चौरसिया, मृगेन्द्र वर्मा, दीप्ति निगम ने निर्णायक की भूमिका निभाई. संस्था के अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक इं० अम्बरीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी विजेताओं के नाम इन्टरनेट पर भी अपलोड कर दिए जायेगें. इस कार्यक्रम में राधा कृष्ण के रूप में बच्चों ने मनमोहक नृत्य भी प्रस्तुत किया ! डॉ० विश्वनाथ मिश्र व रजनीश मिश्र में सभी प्रतिभागियों को भगवान कृष्ण से सम्बंधित जानकारी प्रदान की! अंत में संस्था के महामंत्री अरुण शर्मा बेधड़क ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया !

Lal Bahadur Shstree

अमर 'शास्त्री'

छंद: कुकुभ
(प्रति पंक्ति ३० मात्रा, १६, १४ पर यति अंत में दो गुरु)

'लाल बहादुर' लाल देश के, काम बड़े छोटी काया,
त्याग तपस्या और सादगी, आभूषण जो अपनाया,
एक रूपया वेतन लेकर, सबक त्याग का सिखलाया,
जय जवान औ जय किसान का, नारा इनसे ही पाया.

होनहार बचपन से ही थे, प्यार करें भगिनी भ्राता,
निर्धनता में तैर-तैर कर, पार करें गंगा माता,
यद्यपि कुल कायस्थ जन्म है, सर्व धर्म शोभा पायी,
काशी विद्यापीठ 'शाऽस्त्री', की उपाधि सबको भायी,

प्रति सप्ताह एक दिन व्रत कर, था अकाल को निपटाया ,
युद्ध हुआ जब दुष्ट पाक को, पटका घर तक पहुँचाया,
संधि हेतु जब गए रूस को, हुई घात बिगड़ी काया,
अमर हो गए ताशकंद में, हम सबका दिल भर आया

जन्मदिवस है आज आपका, इस पर शपथ अभी लेलें,
सारे मिलकर एक बनें औ, कभी आग से मत खेलें,
भेदभाव दुर्भाव भुला कर, विश्व बनाएँ अविनाशी,
कर्मयोग सब जन अपनाएँ, हों सच्चे भारतवासी,
--अम्बरीष श्रीवास्तव

ग़ज़ल



इन्साफ जो मिल जाय तो दावत की बात कर

मुंसिफ के सामने न रियायत की बात कर


तूने किया है जो भी हमें कुछ गिला नहीं

ऐ यार अब तो दिल से मुहब्बत की बात कर


गर खैर चाहता है तो बच्चों को भी पढ़ा

आलिम के सामने न जहालत की बात कर


अपने ही छोड़ देते तो गैरों से क्या गिला

सब हैं यहाँ ज़हीन सलामत की बात कर


'अम्बर' भी आज प्यार की धरती पे आ बसा

जुल्मो सितम को भूल के जन्नत की बात कर

--अम्बरीष श्रीवास्तव
बिरादरी में ऊँची नाक रखने वाले, दौलतमंद, पर स्वभावतः अत्यधिक कंजूस, सुलेमान भाई ने अपने प्लाट पर एक घर बनाने की ठानी| मौका देखकर इस कार्य हेतु उन्होंने, एक परिचित के यहाँ सेवा दे रहे आर्कीटेक्ट से बात की| आर्कीटेक्ट नें उनके परिचित का ख़याल करते हुए, बतौर एडवांस, जब पन्द्रह हजार रूपया जमा कराने की बात कही, तो सुलेमान भाई अकस्मात ही भड़क गए, और बोले, "मैं पूरे काम के, किसी भी हालत में, एक हजार से ज्यादह रूपये नहीं दूंगा! यह सुनकर वह आर्कीटेक्ट वापस चले गए| इधर सुलेमान भाई ने भी सस्ते में ही, एक दो मंजिला शानदार घर बनवा डाला| इस बात को एक महीना भी नहीं बीता, तभी किसी व्यापारिक कार्यवश दिल्ली प्रवास के दौरान, सुलेमान भाई को खबर मिली कि, उनके शहर में एक तेज भूकंप आया है| हड़बड़ी में गिरते-पड़ते किसी तरह जब वे अपने घर पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि परिचित का घर तो सीना ताने उनके सामने खड़ा था पर, मलवे की शक्ल में तब्दील उनके सपनों का घर, सारे परिवार को स्वयं में दफ़न किये हुए, उनकी कंजूसी को लगातार मुँह चिढ़ा रहा था | यह देखकर वे विक्षिप्त से हो उठे और अपना सिर जमीन पर पटकने लगे |

अकस्मात कन्धे पर किसी का सांत्वना भरा हाथ पाकर, उन्होंने आँसुओं से भरा हुआ स्वयं का चेहरा ऊपर उठाया, तो पाया कि, वही आर्कीटेक्ट, स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से, मलवे से सुरक्षित निकाली हुई, उनकी तीन वर्षीय जीवित पोती को गोद में उठाये हुए, उन्हें सकुशल सौंप रहे थे....... जिसे उन्होंने एकबारगी तो अपने कलेजे से लगा लिया किन्तु अगले ही पल उसे गोद से उतारा और आसमान की तरफ हाथ उठाकर बोले ऐ पाक परवरदिगार! ये क्या किया ! इससे तो अच्छा था मेरे फरीद को बचा लेते ....आखिर मेरा वंश तो चलता !

--अम्बरीष श्रीवास्तव
सीतापुर ! संस्कार भारती सीतापुर द्वारा डॉ० शिव गोपाल मेहरोत्रा के सिविल लाइन्स स्थित 'सुमन निवास' पर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा सीतापुर की नयी कार्यकारिणी की घोषणा की गयी! बैठक का शुभारम्भ संस्था के ध्येय गीत व सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ! बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती शची रानी ने की तथा मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन विभाग महिला प्रमुख श्रीमती विनोदनी रस्तोगी ने किया तथा सञ्चालन विभाग प्रमुख दिनेश मिश्र राही नें किया ! कार्यकम के मुख्य वक्ता डॉ० विश्वनाथ मिश्र रहे !

महिला कार्यकारिणी की घोषणा कुछ इस प्रकार से की गयी ! संरक्षक मंडल में श्रीमती रमा अस्थाना , श्रीमती कमला मेहरोत्रा, श्रीमती कलावती व श्रीमती निर्मला मेहरोत्रा को नामित किया गया | जिला महिला प्रमुख के पद पर श्रीमती निधि खन्ना व सह जिला महिला प्रमुख के रूप में श्रीमती मंजू मेहरोत्रा , साहित्य मंत्री डॉ० रचना भारती, नाट्य मंत्री, श्रीमती वंदना श्रीवास्तव, कला मंत्री श्रीमती दीप्ति निगम, संगीत मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा पाल, कोषाध्यक्ष श्रीमती शक्ति चौधरी व सदस्य के रूप में श्रीमती वीणा आर्य, अर्चना स्वरुप, सुनीता श्रीवास्तव, श्रीमती स्नेहलता, कंचन रस्तोगी, क्षमा रस्तोगी, बादल रस्तोगी, ममता रस्तोगी, व कु० आद्या मिश्रा को नामित किया गया |

ठीक इसी प्रकार जिला कार्यकारिणी में संरक्षक मंडल में श्री रमा रमण त्रिवेदी , मुक्तेश्वर बक्श श्रीवास्तव, सोम दीक्षित व बाबूराम अग्रवाल को नामित किया गया ! जिला प्रमुख के पद पर ओज कवि रजनीश मिश्र, अध्यक्ष अम्बरीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष गोपाल सागर, महामंत्री पंकज भटनागर, साहित्य मंत्री राजन पाण्डेय व पंकज पाण्डेय नाट्य मंत्री राजेश श्रीवास्तव 'अजनबी' , कला मंत्री ब्रजेश जी गुप्त "ब्रजेश" व नीरज श्रीवास्तव, संगीत मंत्री गोपाल नारायण बाजपेई व धीरज शर्मा, कोषाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्त , प्रचार मंत्री कृष्ण कान्त दीक्षित 'वियोगी' तथा सदस्य के रूप में अखिलेश 'अखिल', राजकुमार श्रीवास्तव, रामनारायण, शिवचरण सिंह तोमर, तुलसीराम यादव व अवधेश शुक्ल को नामित किया गया !


आजादी कैसी यहाँ, आजादी बस नाम,
भ्रष्टाचारी राज में, सही हुए बदनाम.
सही हुए बदनाम, वही ठहराए दागी.
उनका काम तमाम, जिन्हें है पाया बागी.
ख़त्म करें यह खेल, अंत जिसका बरबादी,
लें अन्ना की राह, तभी पायें आजादी..
--अम्बरीष श्रीवास्तव




आप सभी को श्रावणी/रक्षाबंधन पर्व की बहुत-बहुत बधाई .............

एक छप्पय:
लेकर पूजन-थाल सवेरे बहिना आई.
उपजे नेह प्रभाव, बहुत हर्षित हो भाई..
पूजे वह सब देव, तिलक माथे पर सोहे.
बाँधे दायें हाथ, शुभद राखी मन मोहे..
हों धागे कच्चे ही भले, बंधन दिल का शेष है..
पुनि सौम्य उतारे आरती, राखी पर्व विशेष है..


कुण्डलिया:

रक्षा बंधन पर्व दे, खुशियाँ शत अनमोल,
बहना-भैया हैं मगन, मीठा-मीठा बोल.
मीठा-मीठा बोल, सभी से बढ़कर आगे.
बंधन सदा अटूट, बने राखी के धागे,
अम्बरीष यह नेह, सदा दे यह ही शिक्षा.
बहना बसी विदेश, करें मिल इसकी रक्षा..

--अम्बरीष श्रीवास्तव


संस्कार भारती सीतापुर
काया ये दीपक बने मिले नेह का तेल.
अपनेपन की ज्योति से आपस में हो मेल..
--अम्बरीष श्रीवास्तव
दीपमालिका पर्व चित्र आधरित काव्य सृजन प्रतियोगिता दिनांक ३०-१०-२०१०
प्रेरक: डा० विश्वनाथ मिश्र, कार्यक्रम संकल्पना एवं रूपरेखा संयोजन: अम्बरीष श्रीवास्तव, सहयोग: समस्त सदस्यगण व पदाधिकारी )

इस ज्योति पर्व पर रंगमंच, ललित कलाओं व साहित्य के प्रति समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती सीतापुर शाखा द्वारा आर० एम० पी० डिग्री कालेज में चित्र आधारित काव्य सृजन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों व प्रबुद्ध साहित्यकारों नें भाग लिया | जिसमें से चुनी हुई कुछ कवितायेँ प्रस्तुत की जा रहीं हैं

प्रथम स्थान
(निर्णायक डा० अरुण त्रिवेदी व डा० जयवीर सिंह )
दीपावली जैसा कोई त्यौहार भी तो हो
बस दीपकों के जलने की शुमार भी तो हो
हर व्यक्ति आज पड़ोसी के सुख में जल रहा
इस बात के लिये आप गुनहगार भी तो हो
दंगा फ़साद ना हो कभी मेरे देश में
कुछ इस तरह आवाम की आवाज़ भी तो हो
रोशनी इतनी जमीं दीपावली के दिन
दीपक किसी के घर का गुनहगार भी तो हो
हिन्दू मुसलमां में हों या सिक्ख ईसाई
ऐसा कोई इस देश में त्यौहार भी तो हो
--दीपक सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय

द्वितीय स्थान
वर्ष बाद आया है दीवाली का त्यौहार
संग-संग लाया है खुशियों की बौछार
हम तो जला रहे हैं अब प्रीति के दिए
सभी एक दूसरे के गले प्रेम से मिलें
सच्चाई की होती है बुराई पर जीत
इस संसार में प्रचलित है यही रीत
मिठाइयों की थाल लें मेल जोल से बढ़ें
प्रकाश और श्री के लिए घर-घर जलें.
--कु० सुकृति मिश्र, कक्षा आठ
सेक्रेड हार्ट इंटर कालेज सीतापुर


तृतीय स्थान
मानवता के समग्र प्रयास से रोशन होगी दीवाली
फैल जायेगी चारों ओर खुशियों की ऐसी चादर
लगी जैसे झिलमिलाने बल्बों की ऐसी झालर
एक हमारा एक तुम्हारा दीप जले चमके चौबारा
आ सकता है कोई झोंका चली हवा को किसने रोका
दोनों हाथ लगना मिल जुल पर्व मनाना
जगमग होगी सृष्टि सारी जगमग होगी नारी
जगमग होगी दियों की पंक्ति सारी जगमग होगी किलकारी .
--कु० अनामिका वर्मा बी० एड० हिन्दू कन्या महाविद्यालय सीतापुर

साहित्यकार वर्ग
( निर्णायक डा० ममता श्रीवास्तव व डा० रजनी कान्त श्रीवास्तव)
प्रथम स्थान
मनाओ आज खुशियाँ जगमगाती रात आयी है
जलाता प्यार का दीपक बहन के साथ भाई है .
बहा कर प्रेम की गंगा बुझा दे आग नफ़रत की
मेरे भाई यही दीपावली पैगाम लाई है .
हमारी एकता को भंग कर सकता नहीं कोई
जुदा होंगें नहीं हरगिज़ कसम हमने ये खाई है .
नदीम अम्बरीष सागर शचीरानी या राही हों
मेरी जानिब से उन सबको दीवाली की बधाई है .
--नदीम सीतापुरी
९, शेख सराय पुराना सीतापुर, मोबाइल ०९४१५५२५५१६

द्वितीय स्थान
हिन्दू संस्कृति और सभ्यता स्वस्तिक भावों का दर्पण है
परम्पराओं का पालन ही भारत का गौरव दर्शन है
भू पर आज प्रकाश पर्व है ज्योतित हुई अमावस काली
दीपों से श्रृंगार किया है जगमग-जगमग है दीवाली
श्री लक्ष्मी गणेश पूजन से निर्मल धन-मन सदा प्राप्त हो
ज्योतिर्गमय करे सद्प्रेरित वातावरण में स्नेह व्याप्त हो
दीपों का सन्देश अनूठा गाँव नगर को स्वच्छ बनाओ
जन जन का अज्ञान मिटाकर साक्षरता की ज्योति जलाओ .
-- गौरी शंकर वैश्य 'विनम्र'
पोस्टमास्टर सीतापुर २६१००१

तृतीय स्थान पर दो साहित्यकार रहे
तृतीय स्थान १
एक है सबका खुदा और एक ही पानी हवा
नाम मनु आदम है जिसका बस वही सबका पिता
ये बहन भाई का रिश्ता तो बहुत मज़बूत है
कोई कर सकता नहीं इसको कभी हरगिज़ जुदा
हैं सजाएँ दीप दोनों नें मिल कर आज ये
सारी दुनिया के लिए ये शुभ निशाँ है बन गया
आसमां से से जैसे तारे आ गए हों सब के सब
इस तरह महफूज़ दीवाली में हर एक घर सजा
-- महफूज़ रहमानी सीतापुर

तृतीय स्थान २
बहन भाई दीवाली में दिए मिलकर जलाते हैं ,
खुशी से देखने वाले नहीं फूले समाते हैं.
पटाखे फुलझड़ी की रोशनी हर सू बिखरती है,
ये लगता है जमीं पर चाँद तारे जगमगाते हैं .
लहर खुशियों की हर जानिब है बहती प्रेम की गंगा,
मोहब्बत रंग लाई है अब आंसू छलके जाते हैं.
इकठ्ठा कर ले ए महबूब धनतेरस में धन तू भी,
हजारों लोग इस अवसर पे किस्मत आजमाते हैं.
-- महबूब गोंडवी, सीतापुर, मोबाइल ०९८८९४११२००



सराहनीय रचनायें:
दीवाली का पर्व है रख दो मग- मग दीप.
जीवन रंग न रखिये मन के बनो महीप..
जले दीप से दीप ये घट घट करो प्रकाश.
अन्धकार मिट जाएगा नव जीवन की आस..
शुभ ही शुभ हो नव जगत जग-मग होवे शाम.
रावण जगती से मिटा जग में छाए राम ..
अब ना जग में आ सके देखो काली रात.
बाधाएं सब जल उठें उत्सव की हो बात..

--कु० अभव्या चौहान कक्षा: नौ
केन्द्रीय विद्यालय सीतापुर

घर आँगन से तम को हर लो कहने आयी आज दीवाली
मन के द्वारे दीपक धर लो कहने आयी आज दीवाली
प्रेम सुधा हर दम बरसना कमजोरों का हाथ बंटाना
कण-कण को आलोकित कर लो कहने आयी आज दीवाली
जग में झूठ नहीं फलता है सच का राज सदा चलता है
सच्चाई से जीत लो सबको कहने आयी आज दीवाली
अंधियारे का मुख हो काला प्यार-प्रीति की जपना माला
ह्रदय-ह्रदय में आज उतर लो कहने आयी आज दीवाली..
--कु० अर्पिता सिंह एम० ए० प्रथम वर्ष ( राजनीति विज्ञान )
आर० एम० पी० डिग्री कालेज सीतापुर

दीपों का यह पर्व दीवाली
धरती पर छाई खुशहाली
बेटा है घर की दीयाली
बेटी है उसकी उजियाली
दोनों से ही मिलकर होती
घर की दीवाली उजियाली
दुःख को करती दूर दीवाली
घर- घर की खुशियाँ दीवाली.
--श्रीमती अनुपमा श्रीवास्तव
१, शिवपुरी सीतापुर

दिल की आँखों से अगर इस चित्र को देखेंगें आप ,
तब कहीं दीपावली के मर्म को समझेंगें आप.

राम की घर वापसी के हर्ष में होकर विभोर,
हार्दिक स्वागत में उनके लीन हो जायेंगे आप .

हर जगह करके सफाई और सजावट बेमिसाल ,
हर दिशा में रोशनी के फूल बरसायेंगे आप.

आप भी उपरोक्त खुशियों में हों शामिल ए जिया ,
देख लेना राम भक्तों में गिने जायेंगे आप.

--जिया रहमानी २५९, मिर्दही टोला सीतापुर
मोबाइल : 08858609915

वैसे हम छोटे हैं पर हममें भी है उत्साह बहुत
एक दिया ही काफी है फैलाने को प्रकाश बहुत
इस बार दीवाली में मेरे ये लाखों मिलकर चमकेंगें
मुन्नी और पड़ोसी घर को उजियारे से भर देंगे

जब दीप मालिका बनके ये आपस में सब मिल जायेंगे
हर द्वारे लक्ष्मी गणेश को खुद ही ये ले आयेंगे
हर आँगन में मंगल होगा पैसा होगा जेबों में
खूब पटाखें छोड़ेंगे हम खील बताशे खायेंगे.

--इं गोपाल 'सागर'
राम नगर सीतापुर
मोबाइल : ०९४५२८८१६२२
इस प्रतियोगिता को सफल बनाने हेतु हम सभी प्रतिभागियों , निर्णायकों व सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं |